जिला एम सी बी
केल्हारी
*महिलाओं की धरना प्रदर्शन SDM पर गंभीर आरोप, धमकी और पद के दुरुपयोग से भड़का जनाक्रोश*
एम सी बी जिले के केल्हारी क्षेत्र में महिलाओं के द्वारा जमीन संबंधित समस्या को लेकर शांतिपूर्ण तरीके से बैठक कर भूख हड़ताल की जा रही थी। बैठक विवादों में तब घिर गई, जब क्षेत्र की एसडीएम पर महिलाओं को धमकाने, अपमानित करने और प्रशासनिक पद के दुरुपयोग के गंभीर आरोप महिलाओं के द्वारा लगाया गया ।
एस डी एम के इस कृत्य घटना के बाद महिलाओं में भारी आक्रोश है,।।
और उन्होंने पुलिस अधीक्षक को लिखित शिकायत सौंपकर सख्त कार्रवाई की मांग की है।
घटना 05 फरवरी 2026 की बताई जा रही है। जानकारी के अनुसार सुबह करीब 10 बजे केल्हारी sdm कार्यालय के सामने आम पेड़ के नीचे महिलाओं की भूख हड़ताल बैठक आयोजित की गई थी। बैठक का उद्देश्य क्षेत्र से जुड़ी महिलाओं की समस्याओं और मांगों को प्रशासन तक पहुंचाना था। बैठक में बड़ी संख्या में महिलाएं मौजूद थीं और माहौल पूरी तरह शांतिपूर्ण बताया जा रहा है। महिलाओं का आरोप है कि बैठक में एसडीएम को आमंत्रित किया गया था, लेकिन वे प्रारंभिक बैठक में शामिल नहीं हुईं। इसके बाद दोपहर करीब 1:30 बजे एसडीएम मौके पर पहुंचीं और आते ही उन्होंने एक महिला को अन्य महिलाओं से अलग बुलाकर अंदर बातचीत करने को कहा। यहीं से विवाद की शुरुआत हुई। पीड़ित महिला के अनुसार अंदर बातचीत के दौरान एसडीएम ने अपना आपा खो दिया और ऊंची आवाज में धमकी भरे शब्दों का इस्तेमाल किया। आरोप है कि महिला से कहा गया कि “तेरी आवाज बहुत ऊंची है, पुलिस बुलाकर अभी पिटवा दूंगी।” यहीं नहीं, बल्कि बुलडोजर और जेसीबी चलवाकर घर गिराने तक की धमकी देने की बात भी सामने आई है महिलाओं का कहना है कि इस तरह की भाषा और व्यवहार एक जिम्मेदार प्रशासनिक अधिकारी को शोभा नहीं देता। आरोप है कि एसडीएम ने न केवल एक महिला को डराने का प्रयास किया, बल्कि अन्य महिलाओं को भी यह कहते हुए धमकाया कि वे कलेक्टर को डराकर आदेश निकलवा लेती हैं और सभी महिलाएं वहां से चली जाएं। शिकायत में यह भी उल्लेख किया गया है कि जब महिलाओं ने अपनी समस्याएं रखने का प्रयास किया तो उनकी बात सुनने से साफ इनकार कर दिया गया। महिलाओं का कहना है कि उन्हें यह एहसास कराया गया कि उनकी कोई सुनवाई नहीं होगी और प्रशासनिक ताकत के आगे उन्हें चुप रहना होगा। इस घटना के बाद महिलाओं में भारी नाराजगी है। महिलाओं ने सवाल उठाया है कि यदि एक महिला अधिकारी ही महिलाओं से इस तरह का व्यवहार करेगी, तो आम ग्रामीण महिलाओं को न्याय कैसे मिलेगा। महिलाओं का कहना है कि यह घटना महिला सम्मान और महिला सशक्तिकरण के सरकारी दावों पर सीधा सवाल खड़ा करती है। स्थानीय महिलाओं का आरोप है कि प्रशासनिक रौब दिखाकर डराने-धमकाने की यह पहली घटना नहीं है, लेकिन इस बार महिलाओं ने चुप न रहने का फैसला किया है। महिलाओं ने एकजुट होकर थाना प्रभारी को शिकायत सौंपी और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है शिकायत में मांग की गई है कि पीड़ित महिला को न्याय दिलाया जाए और एसडीएम द्वारा किए गए कथित पद के दुरुपयोग, धमकी और अभद्र व्यवहार की जांच कर कड़ी कार्रवाई की जाए। महिलाओं का कहना है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो वे आंदोलन का रास्ता अपनाने को मजबूर होंगी।



