//समाचार//
*रेत का अवैध उत्खनन*प्रशासन की नाकामी का आलम*
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*कोरबा से महेन्द्र सोनवानी की खास रिपोर्ट*
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कोरबा//पोड़ी उपरोड़ा विकास अन्तर्गत तुमान (पुटुवा)क्षेत्र में दो सालों से लगातार रेत का अवैध उत्खनन खुलेआम किया जा रहा है।
यह खनन बिना रॉयल्टी पर्ची और कानूनी दस्तावेज के हो रहा है।
जिसमें ना सिर्फ सरकार के राजस्व का नुकसान हो रहा है, बल्कि यह स्थानीय पारिस्थितिकी तंत्र पर गहरा प्रभाव डाल रहा है।
विशेषज्ञों के अनुसार इस प्रकार के अवैध उत्खनन से नदियों और जलाशयों का जल स्तर घट सकता है।
जिससे भविष्य में पानी की गंभीर समस्या हो सकती है।
इस पर जल वन और पर्यावरण मंत्रालय को कार्रवाई करनी चाहिए।
ताकि अवैध उत्खनन की यह कड़ी तोड़ी जा सके और ग्रामीणों का जीवन सुरक्षित किया जा सके।
*रेत माफियाओं का फैला हुआ सरगना निश्चय ही भविष्य के लिए जल संकट*
*नाबालिग को स्टेयरिंग थमाना भी गाड़ी मालिक की कानूनी अपराध*
बता दें,रेत माफियाओं के द्वारा नाबालिक लड़कों को स्टेयरिंग दिया जाना भी एक कानूनी अपराध है। कम उम्र होने के कारण ना ही उनके पास ड्राइविंग लाइसेंस है।
ऐसे में गाड़ी मालिक के ऊपर 5000/जुर्माना और तीन माह तक के लिए जेल भी हो सकती है
साथ ही ट्रैक्टर में भी नंबर प्लेट गायब।
सूत्रों की माने तो खनिज विभाग की ओर से अधिकारियों का मौन (कोई कार्रवाई नहीं करना) इस बात को दर्शाता है
की रेत माफियाओं के साथ
की कहीं सेटिंग तो नहीं।



