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नई दिल्ली के इंजेवालान स्थित बाबा गोरखनाथ के पौराणिक मंदिर पर बुलडोजर कार्यवाही के विरोध में लखनऊ में राम नाम का जाप कर प्रदर्शनी योगी शाह को भेजा करूणागती निवेदन

INDIA SHAN TIMES 0



नई दिल्ली के इंजेवालान स्थित बाबा गोरखनाथ के पौराणिक मंदिर पर बुलडोजर कार्यवाही के विरोध में लखनऊ में राम नाम का जाप कर प्रदर्शनी योगी शाह को भेजा करूणागती निवेदन-

-विज्ञप्ति-

12 दिसम्बर। नई दिल्ली वालन निथात आदि गुरु गोरखनाथजी पौराणिक देर में पिछले 29 नवम्बर को डीजीएएमसीडी अधिकारियों द्वारा के विरोध में जखनऊ एवं आज से आए सैकड़ों अनुयायी शुक्रवार लखनऊ स्थित मंदिर सातपूर्ण ढंग से अपना विरोध दर्ज कराया। भयबा पीर रतननाथ जी के हुनका करते हुए सभी ने

मंदिर दरगाह प्रबंधन की ओर से प्रधानमत्री श्री नरेंद्र मोदी गृह मंत्री श्री अनिता उत्तरप्रदेश मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकमी लखनऊ के माध्यम से प्रेषित किए गए। हामी निवेदन शीर्षक से दिए गए आपन में कहा गया है कि लाईन जी के परम हिया श्री श्री 1008 बाधा दौर हननाथ जी महाराज द्वारा स्थापित यह स्थानकस्था है।

लगभग 1368 वर्ष पूर्व नेपालको दाग देश (वर्तमान गानपुर मत) के राजा परीक्षित जी के पुत्र भगवान शकर के आदि गुरु गोरक्षनाथ जी के परमशिष बाबा चौर गाननाथ जी ने नाथीनुसार सनातन धर्म के केंद्र स्थापित किए थे। एकঙ্কাসিদান) এ

की तथा पौरामिक मान्य है कि उन्होंने मोहम्मद साहब से शास्वार्थ भी किया। लगभग 100 तक बाबा पौत्र रतननाथ जी ने गुरु मोजी आदेशानुरइहिली सनानधर्म की सा

शिवपुरी प्रस्थान से पूर्व उन्होंने अपनी सम्पूर्ण गहरी एवं विरासत एक अविवाहिता को दान कर दी थी।

बाबा पीर रतनाथजी द्वारा नेपाल सीमा पर स्थित पाटेवरीदेवीकी)कया गया तथा गुरु गोरखनाथ साथ गोरखपुर में भी उनकी प्रतिभा आज साक्षात् विराजमान है। वर्तमान में पवित्र परमस्वरूप महाराज जी गहरी पर विराजमान है जो लाखो अनुयायियों के आराधा एकतर सक्रिय है।

ज्ञापन में यह भी उल्लेख है कि अफगानिस्तान में तालिबान शासन लागू होने के बाद भी हमारेपनि के पुजारी श्री राजेश तिवारी ने अपने प्राणों की परवाह करते हुए वहीं जी पूजा करीखजीउधन पर

विधि-विधान से पूजा-अर्चना होती है।

नई दिल्ली के गालान स्थित मंदिर दरगाह में प्रतिदिन प्रात आरती के जाप और सत्संग बलता है। शाम के समय भगवान की होती है। देशभर से हजारो सेवक परिवार वहीं दर्शन करने आते हैं। नगर प्रसाद की सेवा गरीब व असहायों को भोजन कम्बल वितरण विभिन्न शहरों में निःशुल्क स्तर सेवा तथा समय-समय पर निःशुल्क चिकित्सा शिविर भी लगाए जाते हैं। वर्तमान में लगरहोल में तैयार भोजन गोशालाओं में भी भेजा जाता है। कई स्थानहाराज जी द्वारा स्थायी गौशालाएँ भी संथालित है।

यह स्थान काबुल (अफगानिस्तान) से प्रारम्भ होकर पेशावर से दिल्ली तक की यात्रा पूर्ण कर चुका है और देश-विदेश में लगभग 30 पवित्र गुरु-स्थानों पर सनापन रीति रिवाज से पूजा-अर्चना चल रही है। हमारे सेवक परिवार जर्मनी, ऑस्ट्रेलिया, लंदन अमेरिका कनाडा नेपाल आदि देशों से जुड़े है। अफगानिस्तान तथा पाकिस्तान में भी हमारे पवित्र स्थान स्थापित है।

भारत में यूपी के लखनऊ गोला पलिया बरेली कानपुर चंदौसी समेत हापुड़ सहित उत्तराखंजाब महाराष्ट्र एवं अन्य राज्यों के लगभग 40 शहरों में मंदिर दरगाह की शाखाएं स्थित है। अधिकांश अनुयायी-पाकिस्तान विभाजन के समय अफगानिस्तान पाकिस्तान से आए हिंदू पंजाबी परिवार है जिनमें ज्यादातर भारतीय जनता पार्टी एवं राष्ट्रीय स्वयसेवक संघ की विचारधारा के प्रति श्रद्धा रखते आए है।

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ द्वारा वर्षों से किए जा रहे सनातन धर्म जागरण के कार्य की हम सराहना करते हैं और सदैव सहयोग

के लिए तत्पर भी है।

घटना का विवरण-

ज्ञापन में बताया गया है कि शनिवार दिनांक 29-11-2025 को डीडीए एवं एमसीडी के अधिकारी भारी पुलिस बल तथा स्थानीय एसडीएम के साथ मंदिर दरगाह पहुंचे। आसपास के कुछ मकान गिराने की बात कहकर अधिकारियों ने मंदिर दरगाह की बाउंड्रीवाल तुलसीवाटिका पानी की टंकियों सीवर लाइन, अस्थायी लगर प्रसाद होत. विजानी कर पैनल रूम जनरेटर रूम, लोहे के गेट सहित कई निर्माण तोड़ दिए। इस कारण लगभग 15 घंटों तक भगवान का भोग नित्यनियम आरती तथा समस्त धार्मिक गतिविधिची बाधित रहीं।

मंदिर दरगाह का दाया 3803 वर्गगज भूमि पर है जिस पर 1948 में कब्जा एवं 1973 से लीज उपलब्ध है। इस सीमा के बाहर

हमारा किसी से कोई विवाद नहीं है।

हमारी प्रमुख गौर्ग

129-11-2005 को मंदिर दरगाह की भूमि पर किए गए अवैध ध्वस्तीकरण को अनुचित ठहराते हुए लगाई गई स्टील बेरिकेडिंग

ताकाल हटाई जाए।

मंदिर को उसकी अपनी भूमि पर पुनः बाउड्री वॉल निर्माण की अनुमति दी जाए।

2. 3. इस प्रकरण में देश-विदेश में रह रहे मंदिर दरगाह के लाखो अनुयादियों तथा सनातन धर्मावलवियों में व्याप्त रोष को देखते हुए

शीघ्र न्यायोचित कार्रवाई की जाए।

आपसे विनम्र अनुरोध है कि श्री मंदिर दरगाह की वैध भूमि पुनः मंदिर को लौटाई जाए।

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