Type Here to Get Search Results !

कोरबा जिले में प्रधानमंत्री धन धान्य कृषि योजना की समीक्षा बैठक हुई आयोजित

INDIA SHAN TIMES 0

 //समाचार//


*कोरबा जिले में प्रधानमंत्री धन धान्य कृषि योजना की समीक्षा बैठक हुई आयोजित



*    

                                                           *संयुक्त सचिव श्री अंबलगन ने जिला कार्ययोजना को समयबद्ध रूप से तैयार करने दिए निर्देश* 

______________________

*कोरबा से ब्यूरो चीफ महेन्द्र सोनवानी की रिपोर्ट*

______________________

                                                                                                                       कोरबा 20 नवंबर 2025/

प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना के अंतर्गत चयनित कोरबा जिले में आज समीक्षा बैठक रेस्ट हाउस कटघोरा आयोजित की गई। भारत सरकार के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय के संयुक्त सचिव श्री पी. अंबलगन द्वारा कृषि एवं संबद्ध विभागों की संयुक्त प्रगति की समीक्षा की। इस दौरान जिले की कृषि स्थिति, विकास योजनाओं, संभावनाओं, चुनौतियों और आगे की दिशा से संबंधित विस्तृत चर्चा की गई। बैठक की शुरुआत में जिले की कृषि एवं संबद्ध विकास कार्ययोजना, आधारभूत सर्वेक्षण तथा चिंतन शिविर की वर्तमान स्थिति का प्रस्तुतीकरण किया गया। संयुक्त सचिव ने योजनांतर्गत निर्धारित छह प्रमुख लक्ष्यों - फसल उत्पादकता बढ़ाने, फसल विविधीकरण को बढ़ावा देने, फसल कटाई के बाद प्रबंधन व्यवस्था को मजबूत करने, सिंचाई सुविधाओं के विस्तार, कृषि ऋण तक किसानों की आसान पहुंच सुनिश्चित करने और किसानों की आय वृद्धि हेतु नए अवसर विकसित करने पर केंद्रित ठोस कार्ययोजनाओं की आवश्यकता पर बल दिया।

बैठक में कृषि क्षेत्र के समग्र विकास के लिए कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर विस्तार से मंथन हुआ। प्रधानमंत्री आय संरक्षण अभियान के तहत दलहन और तिलहन फसलों के उपार्जन को बढ़ाने, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में किसानों की भागीदारी और बीमा कवरेज बढ़ाने, परंपरागत कृषि विकास योजना के अंतर्गत उत्पादित जैविक उत्पादों की स्थानीय ब्रांडिंग एवं सुव्यवस्थित विपणन सुविधा को प्रोत्साहित करने पर चर्चा की गई। इसी क्रम में स्थानीय किसानों को बेहतर मूल्य प्रदान करने हेतु तमिलनाडु मॉडल के किसान बाजार की तर्ज पर जिले में स्थानीय विपणन प्रणाली विकसित करने की आवश्यकता पर भी विचार-विमर्श हुआ। कृषि अवसंरचना कोष के माध्यम से कृषि ऋण सुविधा को और सुलभ बनाने, कृषक उत्पादक संगठनों के गठन से किसानों को मूल्य संवर्धन का लाभ उपलब्ध कराने, उद्यानिकी क्षेत्र में सोलर कोल्ड स्टोरेज स्थापना और टपक सिंचाई को बढ़ावा देने जैसे महत्वपूर्ण सुझाव प्रस्तुत किए गए। मछलीपालन क्षेत्र में केज कल्चर और पॉन्ड लाइनर के माध्यम से उत्पादन क्षमता बढ़ाने की संभावनाओं पर भी विस्तृत चर्चा की गई। संयुक्त सचिव श्री अंबलगन ने कृषि विज्ञान केंद्र को योजनांतर्गत तकनीकी मार्गदर्शन की प्रमुख इकाई के रूप में सक्रिय भूमिका निभाने और सभी विभागों को समय-सीमा के भीतर जिले की समग्र कार्ययोजना तैयार कर प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।

कलेक्टर श्री अजीत वसंत ने योजना के अंतर्गत ग्राम स्तर पर कोल्ड स्टोरेज सुविधा विकसित करने, सिंचाई सुविधाओं के विस्तार और सूक्ष्म सिंचाई तकनीक को जिले में बढ़ावा देने हेतु विस्तृत कार्ययोजना तैयार करने पर विशेष जोर दिया। वहीं, उप संचालक कृषि कोरबा ने अवगत कराया कि योजनांतर्गत चिंतन शिविर और आधारभूत सर्वेक्षण का कार्य प्रगति पर है। सर्वेक्षण के दौरान कृषि एवं संबद्ध विभागों द्वारा जनप्रतिनिधियों, कृषक समूहों और प्रगतिशील किसानों के साथ संवाद स्थापित कर कृषि क्षेत्र में विद्यमान कमियों और सुधार के क्षेत्रों की पहचान की जा रही है, जिन्हें अंतिम जिला कार्ययोजना में शामिल कर योजनाबद्ध रूप से लागू किया जाएगा।

बैठक में मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत कोरबा श्री दिनेश कुमार नाग, अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) कटघोरा श्री तन्मय खन्ना, कृषि एवं संबद्ध विभागों के जिला अधिकारी एवं कर्मचारी, कृषि विज्ञान केंद्र लखनपुर और कृषि महाविद्यालय कटघोरा के वैज्ञानिक उपस्थित थे।

Post a Comment

0 Comments
* Please Don't Spam Here. All the Comments are Reviewed by Admin.