*लखनऊ ठाकुरगंज*
थाना ठाकुरगंज क्षेत्र अंतर्गत चौकी भुअर के पास स्थित लखनऊ राजधानी हॉस्पिटल में उस वक्त हंगामा मच गया, जब इलाज के दौरान एक महिला की मौत हो गई।
मृतका के परिजनों ने अस्पताल प्रशासन और डॉक्टरों पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए हैं। परिजनों का कहना है कि महिला कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से पीड़ित थी और पिछले 11 दिनों से अस्पताल में भर्ती थी।
सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब कैंसर जैसी गंभीर बीमारी के इलाज की उचित सुविधाएं इस अस्पताल में मौजूद ही नहीं थीं, तो मरीज को भर्ती क्यों किया गया?
क्या यह इलाज के नाम पर पैसा कमाने की नीयत थी या फिर मरीज को राहत देने का दावा?
सूचना मिलते ही थाना ठाकुरगंज पुलिस मौके पर पहुंची और हालात को नियंत्रित किया। इसके बाद पीड़ित पक्ष और अस्पताल संचालक डॉ. शहनवाज़ के बीच समझौता कराया गया।
सूत्रों के अनुसार, मृतका के परिजनों को ₹2,50,000 की राशि देकर मामला रफा-दफा कर दिया गया।
स्थानीय सूत्रों का आरोप है कि लखनऊ राजधानी हॉस्पिटल मानकों के विपरीत चल रहा है।
ना पर्याप्त सुविधाएं,
ना विशेषज्ञ डॉक्टर,
ना ही गंभीर मरीजों के इलाज की क्षमता।
ऐसे में सवाल उठता है कि शहर में आखिर कितने अस्पताल राम भरोसे चल रहे हैं, जहां इलाज के नाम पर लोगों की जान से खिलवाड़ हो रहा है?
जनता की मांग है कि सरकार ऐसे अस्पतालों पर तत्काल सख्त कार्रवाई करे और नियमों का उल्लंघन करने वाले अस्पतालों पर सरकारी ताला लगाया जाए।
वरना ऐसे ही गरीब और मजबूर लोग अपनी जान गंवाते रहेंगे और अस्पताल संचालकों की जेबें भरती रहेंगी।
कब मिलेगा जनता को इंसाफ?
कब होगी दोषियों पर कानूनी कार्रवाई?
